इथेनॉल स्वास्थ्य खतरा
जोखिम के मार्ग: वाष्प के साँस लेय, अंतर्ग्रहण या त्वचा अवशोषण के माध्यम से शरीर मा प्रवेश कर सकत है।
सामान्य स्वास्थ्य खतरा: इथेनॉल मुख्य रूप से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर कार्य करत है, जेहिसे अवसाद के बाद प्रारंभिक उत्तेजना होत है।
इथेनॉल तीव्र विषाक्तता: आमतौर पर अत्यधिक मौखिक सेवन से होत है। विषाक्तता प्रक्रिया मा चार चरण होत हैं: उत्तेजना, उनींदापन, संज्ञाहरण अऊर कोमा। गंभीर मामलन (बाद के दुई चरणन मा प्रवेश करत) चेतना के नुकसान, पुतली के फैलाव, अनियमित साँस लेब, सदमा, संचार पतन, या यहां तक कि श्वसन रुकावट का कारण बन सकत हैं।
इथेनॉल पुरान प्रभाव: व्यावसायिक सेटिंग्स मा इथेनॉल वाष्प के उच्च सांद्रता के दीर्घकालिक संपर्क मा नाक, आँखिन अऊर श्लेष्म झिल्ली मा जलन होइ सकत है, साथै सिरदर्द, चक्कर आवै, थकान, चिड़चिड़ापन, कंपकंपी अऊर मतली जइसन लक्षण भी होइ सकत हैं। दीर्घकालिक अत्यधिक शराब के सेवन (पीना) के परिणामस्वरूप पॉलीन्यूराइटिस, पुरानी गैस्ट्राइटिस, फैटी लिवर, सिरोसिस, मायोकार्डियल क्षति अऊर जैविक मानसिक विकार होइ सकत हैं। लंबे समय तक त्वचा के संपर्क मा रहय से सूखापन, पपड़ी, दरार अऊर त्वचाशोथ होइ सकत है।
पोस्ट समय: फरवरी-05-2026
